माहवारी के दौरान वर्कआउट को लेकर तरह तरह की confusions, रखें इन बातों का ध्यान

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नई दिल्ली/दीक्षा शर्मा। हर महीने के वो 5-6 दिन औरतों और लड़कियों के लिए बहुत कष्टकारी होते हैं. कुछ महिलाओं को इन दिनों में तेज दर्द सहना पड़ता है तो कुछ के लिए ये सामान्य होता है. पर लगभग हर औरत पीरियड्स (periods) के दौरान बेचैन रहती है.
पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं. महिलाओं का शरीर ठीक से काम कर सके इसके लिए हर महीने पीरियड्स का आना बहुत जरूरी है.

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वर्कआउट को लेकर उलझन

आमतौर पर पीरियड्स के दौरान वर्कआउट को लेकर महिलाओं को अक्सर कन्फ्यूज रहती हैं. कि एक्सरसाइज करें या ना करें.. कई तरह के सवाल मन में आते हैं. एक तरफ पीरियड्स का दर्द तो दूसरी तरफ वर्कआउट गैप को लेकर उलझन.

कर सकते हैं लाइट वर्कआउट

कुछ लोग कहते हैं कि अगर पीरियड्स के दौरान वर्कआउट किया तो यह शरीर के लिए ठीक नहीं है इससे ब्लीडिंग ज्यादा जो जाती है. मगर डॉक्टर्स की मानें तो ऐसा बिल्कुल नहीं है, माहवारी के दौरान महिलाएं वर्कआउट कर सकती हैं लेकिन लाइट वर्कआउट. इसके साथ
शुरुआती दिनों में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से बचें.
लाइट वर्कआउट में आपके लिए योगा सबसे बेहतर है. इस समय योग हमारे शरीर के लिए भी फायदेमंद होता है. इससे दर्द सहने की क्षमता बढ़ेगी और आप तरोताजा भी महसूस करेंगी. लेकिन एक बात ध्यान रखें कि शीर्षासन, सर्वांगासान, कपालभाति जैसे आसन न करें.

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व्यायाम है लाभदायक

इस दौरान अनुलोम विलोम और कपालभाति आपके लिए सबसे बेहतर है, इसको करके आप खुद को हल्का महसूस करेंगी. पीरियड्स शुरू समय लड़कियों और महिलाओं के मूड स्विंग होना आम बात है. शुरूआत 1-2 दिन आप एकांत में बैठकर मेडिटेशन भी कर सकती हैं.

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