पीएम फंड से जारी हुए 2000 करोड़, अस्पतालों को मिलेंगे 50000 नये वेन्टीलेटर्स

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PM modi

नई दिल्ली/आर्ची तिवारी। अब जल्द ही देश के अस्पतालों को 50000 नये वेन्टीलेटर्स मिलेंगे जिनका निर्माण भारत में ही हो रहा है. सभी वेन्टीलेटर्स “मेड इन इंडिया” हैं. पीएम केयर फंड से लगभग 2000 करोड़ जारी किए गए हैं जो अस्पतालों में कम पड़ रहे वेंटिलेटर्स पर खर्च होगा, और ये सभी वेंटिलेटर्स भारत के राज्यों के और केन्द्र शासित प्रदेशों के अस्पतालों में सप्लाई किए जाएंगे. वहीं दूसरी ओर फंड से 1000 करोड़ रुपए श्रमिक वर्ग के लिए भी आवंटित किए गए हैं.

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प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी ये जानकारी


प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार 50000 वेंटिलेटर्स में से 30000 वेंटिलेटर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड करेगी. शेष 20000 वेंटिलेटर्स का निर्माण निजी कंपनियों द्वारा किया जाएगा. इसमें 10000 वेंटिलेटर AgVa हेल्थकेयर, 5650 वेंटिलेटर्स AMTZ बेसिक, 4000 वेंटिलेटर AMTZ हाई एंड तथा 350 वेंटिलेटर अलाइड मेडिकल करेगी.

वहीं अभी तक इन कंपनियों ने 2923 वेंटिलेटर्स का निर्माण किया है. इनमें से 1340 वेंटिलेटर्स राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को भेजे जा चुके हैं. इसमें महराष्ट्र (275), दिल्ली (275), गुजरात (175), बिहार (100), कर्नाटक (90), राजस्थान (75) शामल हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार जून के अंत तक अतिरिक्त 14000 वेंटिलेटर्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सप्लाई कर दिए जाएंगे.

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श्रमिकों के लिए फंड जारी

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम केयर्स फंड से प्रवासी श्रमिकों के लिए पहले ही 1000 करोड़ रुपए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित किया गया है. यह आवंटन 50% वेटेज 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या, 40% वेटेज कोरोना पॉजिटिव की संख्या, और 10 % सभी राज्यों में समान बंटवारे के फॉर्मूले पर आधारित है। राज्यों को यह सहायता प्रवासी मजदूरों के रहने, खानेपीने, इलाज और परिवहन के लिए प्रदान की गई है। इसके तहत राशि प्राप्त करने वाले राज्यों में महाराष्ट्र(181 करोड़), उत्तर प्रदेश (103 करोड़), तमिलनाडु (83 करोड़), गुजरात(66 करोड़), दिल्ली (55 करोड़), पश्चिम बंगाल (53 करोड़), बिहार (51 करोड़), मध्य प्रदेश (50 करोड़), राजस्थान (50 करोड़) और कर्नाटक (34 करोड़) शामिल हैं.

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