Rahasya : भारत का एक ऐसा पेड़ जिसकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात रहती है पुलिस,सालाना खर्च होते हैं 15 लाख़ रूपए

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नई दिल्ली/दीक्षा शर्मा। आपने VIP अधिकारियों की सुरक्षा के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या आपने कभी VIP पेड़ की सुरक्षा के बारे में सुना है? बड़े बड़े अधिकारी, राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में पुलिस या अन्य सुरक्षा बल तैनात हों, यह बात तो समझ आती है. लेकिन यहीं सुरक्षा किसी पेड़ को दी जाए, यह सुनने में थोड़ा अजीब है. लेकिन आपको बता दें कि यह बिल्कुल सच है.

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हम बात कर रहें हैं एक ऐसा पेड़ की जिसकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है. हर 15 दिन में उस पेड़ का चेकअप होता है.इसके साथ ही चारों तरफ इसे फैंसिंग से सुरक्षित रखा गया है. दरअसल, यह पेड़ मधयप्रदेश की राजधानी भोपाल और विदिशा के बीच सलामतपुर की पहाड़ी पर है.

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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस पेड़ की सुरक्षा में पुलिस के 4-5 जवान हमेशा तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे इसकी निगरानी करते हैं. इसके अलावा इस पेड़ की देखरेख उद्यानिक,राजस्व,पुलिस और सांची नगरपरिषद मिलकर करते है. ये सभी विभाग बोधि वृक्ष के लिए हमेशा ही अलर्ट रहते हैं. इसकी सिंचाई के लिए सांची नगरपालिका की ओर से अलग से एक पानी का टैंकर आता है. माना जाता है कि इस पेड़ के रखरखाव पर हर साल 12-15 लाख रुपये खर्च होते हैं.

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जानकारी के लिए बता दें कि, यह एक पीपल का पेड़ है, जिसे बोधि वृक्ष के नाम से जाना जाता है. साल 2012 में जब श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने भारत का दौरा किया था, उसी दौरान उन्होंने यह पेड़ लगाया था. आपको बता दें कि ईसा से 531 वर्ष पहले बोधि वृक्ष के नीचे ही भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था. बौद्ध धर्म में यह वृक्ष काफ़ी खास महत्व रखता है.

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जिस बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, असल में वह पेड़ बिहार के गया जिले में है. हालांकि साल 1876 में यह पेड़ प्राकृतिक आपदा के चलते भी नष्ट हो गया था, जिसके बाद 1880 में अंग्रेज अफसर लॉर्ड कनिंघम ने श्रीलंका के अनुराधापुरम से बोधिवृक्ष की शाखा मंगवा कर उसे बोधगया में फिर से स्थापित कराया था. तब से वह वृक्ष आज भी वहां मौजूद है.

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