पीएम मोदी ने किया भूमिपूजन और कहा – आज पूरा भारत भावुक है सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है

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पीएम मोदी ने किया भूमिपूजन

नई दिल्ली/आशीष भट्ट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया और राम मंदिर शिलापट्ट का अनावरण किया, इस दौरान उनके साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गापेाल दास, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, आज पूरा भारत भावुक है सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है, करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते-जी इस पावन दिन को देख पा रहे हैं, बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा. राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सब लोगों को आज नमन करता हूँ, उनका वंदन करता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा, राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं, आप भगवान राम की अद्भूत शक्ति देखिए, इमारतें नष्ट हो गईं, क्या कुछ नहीं हुआ, ​अस्तित्व मिटाने का हर प्रयास हुआ। लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति के आधार हैं, आज का ये दिन करोड़ों रामभक्तों के संकल्प की सत्यता का प्रमाण है। आज का ये दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, इस मंदिर के बनने के बाद अयोध्या की सिर्फ भव्यता ही नहीं बढ़ेगी, इस क्षेत्र का पूरा अर्थतंत्र भी बदल जाएगा। यहां हर क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे, हर क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे, पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे, पूरी दुनिया प्रभु राम और माता जानकी का दर्शन करने आएगी, प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्यपालन की सीख दी है, अपने कर्तव्यों को कैसे निभाएं इसकी सीख दी है, उन्होंने हमें विरोध से निकलकर, बोध और शोध का मार्ग दिखाया है, हमें आपसी प्रेम और भाईचारे के जोड़ से राममंदिर की इन शिलाओं को जोड़ना है.

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