Thursday, August 11, 2022
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क्या श्रमिक स्पेशल ट्रेन लेट पहुंच रही है..?

by pratibimbnews
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नई दिल्ली/पूजा शर्मा। कोरोना वायरस (corona virus) के बढते मामलो की संख्या के साथ देश में फेक खबरें बनाने वालो की दूकान भी जोर शोर से चल रही है. इसके चलते लोगों को फेक खबरो का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए लोगों को कोरोना महामारी के साथ-साथ फेक खबरों से भी सावधान रहने की जरूरत है. हाल ही में एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है. जिस फोटो के तहत ये दावा किया गया है कि लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के लिए चलाई जा रही ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ (Shramik Special Trains ) गंतव्य तक लेट पहुंच रही है. साथ ही ये भी कहा जा रहा था कि ट्रेन में कई मजदूरों की भूख के कारण मौत भी हो रही है

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क्या है वायरस पोस्ट का दावा

आपको बता दें कि फोटो एक अखबार की कटिंग है. इस फोटो के जरिए ये दावा किया गया है कि ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ (Shramik Special Trains ) जंक्शन से निर्धारित समय पर तो खुल रही है लेकिन गंतव्य तक ट्रेन को पहुंचने में 9 दिन का समय लग जा रहा है. साथ ही ये भी कहा गया कि कितनी ट्रेनें तो अपने रास्ते को भूल कहीं और पहुंच जा रही है. पहले प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए ट्रेन की मांग करते रहे और अब ट्रेन से उतरने के लिए बेचैन रहते हैं. दावे में ये भी कहा गया है कि ट्रेन में लंबा समय बिताने के बाद भी मजदूरों को उनकी मंजिल तक नहीं उतारा जा रहा है. जिसके चलते कई मजदूर व उनके परिवार के सदस्यों ने ट्रेन में ही दम तोड़ दिया है. महाराष्ट्र से आ रहे मजदूर को जब आरा में लोगों ने उठाना चाहा तो पाया कि उसकी मौत हो चुकी है.

फोटो में आगे ये दावा किया गया है कि मृतक की पहचान नबी हसन के पुत्र निसार खान के रूप में हुई है. मृतक गया का रहने वाला है. श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के हालत का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि गुजरात के सूरत से 16 मई को सिवान के लिए निकली दो ट्रेनें क्रमश: उड़ीसा के राउरकेला और बेंगलुरू पहुंच गई. वाराणसी रेल मंडल की खोजबीन के बाद ट्रेन का पता चला तो 18 मई की जगह 25 मई को सिवान जंक्शन पर पहुंचा.

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क्या है दावे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर की पड़ताल जब पीआईबी ने की तो पीआईबी ने पाया की वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह से झूठ है. पीआईबी के मुताबिक सूरत से सीवान जाने वाली ट्रेन 9 दिन में नहीं बल्कि दो दिन में ही पहुंच गई थी.

इसी के चलते वायरल फोटो के जरिए फैलाई गई खबर फेक निकली है. साथ ही पीआईबी ने बताया कि ट्रेन के अंदर हुई मौत के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. अभी सरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

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